Yaadon ke Darmiyan

कुछ कहानियाँ कभी ख़त्म नहीं होतीं,
बस वक़्त की धूल में दबकर चुप हो जाती हैं…
जैसे अधूरा ख़त, जो लिख तो दिया गया हो,
मगर भेजा कभी न गया हो।

तेरे लिए ये सब नया होगा,
पर मेरे लिए तू कोई अनजानी नहीं,
तेरी हर हँसी, हर आहट,
अब भी दर्ज है मेरे दिलों की धड़कन में ।

तू आज मुझे अनजाना समझती है,
पर मैं तुझे हर पल जानता हूँ…
तेरी खामोशी मेरी तन्हाई से बातें करती है,
तेरी आँखों की खामोश चमक,
आज भी रोशन करती है इन रातों को।

मैं बस उस लम्हे के इंतेज़ार में हूँ,
जब तेरी यादें लौटकर आएंगी,
जब तू मुझे वैसे ही पुकारेगी,
जैसे पहले पुकारा करती थी।

हम वहीं से कहानी शुरू करेंगे,
जहाँ उसे वक़्त ने रोक दिया था…
और शायद उस दिन,
ख़ुद वक़्त भी हमारे इश्क़ को देखकर
मुस्कुरा दे।" 

Comments

Popular posts from this blog

Andhkaar

Tera Hona